
नवहट्टा (सहरसा)
कृषि निदेशालय ने अनुदानित उर्वरकों के साथ गैर-अनुदानित उर्वरकों की टैगिंग कर बिक्री करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस फैसले से किसानों को अनावश्यक खाद खरीदने और खेती की लागत बढ़ने से राहत मिलने की उम्मीद है।
कृषि निदेशक ने इस संबंध में जिला कृषि पदाधिकारी को भेजे निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि अनुदानित यूरिया, डीएपी और कांप्लेक्स उर्वरकों को आपूर्ति एवं बिक्री के साथ अन्य गैर-अनुदानित उर्वरकों को जोड़कर बेचने की व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। यह प्रतिबंध अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा।
फार्म ए-2 में दर्ज उर्वरकों की बिक्री पर लगा प्रतिबंध
अनुदानित यूरिया, डीएपी और कॉप्लेक्स उर्वरकों की आपूर्ति करने वाली कंपनियां पहले से मिली अनुमति के तहत इनकी आपूर्ति और बिक्री जारी रख सकेंगी।
हालांकि, उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र यानी फार्म ए-2 में दर्ज अन्य गैर-अनुदानित उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री पर रोक रहेगी। इससे कंपनियों द्वारा अनुदानित खाद के साथ दूसरे उर्वरक खरीदने के लिए किसानों पर दबाव बनाए जाने की मंशा खत्म होगी।
जिलास्तर पर होगी निगरानी
निदेशालय ने जिला कृषि पदाधिकारी को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। अब जिला स्तर पर उर्वरकों की आपूर्ति और बिक्री की निगरानी कृषि विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।



